फेसबुक और ट्वीटर बने मददगार, परिवार से मिले लापता बुज़ुर्ग

फेसबुक और ट्वीटर बने मददगार, परिवार से मिले लापता बुज़ुर्ग

ग्रेटर नोएडा। फेसबुक और ट्वीटर पर की गई एक पोस्ट ने घर से 4 महीने पहले लापता हुए पंजाब के अंग्रेज सिंह को उनके परिवार से मिला दिया।

अंग्रेज सिंह ग्रेटर नोएडा में रहने वाले सुनील नागर को सड़क पर घायल हालत में मिले थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती करने के बाद परिवार का पता लगाने के लिए सुनील ने फेसबुक और ट्विटर की मदद ली।

उनकी पोस्ट को 350 से ज्यादा लोगों ने शेयर किया। आखिरकार यह खबर अंग्रेज सिंह के परिवार तक भी पहुंची और रविवार को वे ग्रेटर नोएडा पहुंच गए।

गामा-1 में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की ऑफिसर्स कॉलोनी और उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग के दफ्तर से कुछ ही दूरी पर अंग्रेज सिंह घायल हालत में 15 दिन तक पड़े रहे। उनके पैर की तीन हड्डियां टूटी थीं और याददाश्त भी जा चुकी थी। पूरे शरीर में चोट के निशान थे।

अनुमान है कि उनकी यह हालत ऐक्सिडेंट की वजह से हुई थी। इस सड़क से गुजरने वाले लोग अंग्रेज सिंह को भिखारी और पागल समझते रहे। यहीं कुछ दूर रहने वाले दिनेश कुमार इस दौरान उन्हें खाना-पानी देते रहे।

सुनील के मुताबिक, 14 नवंबर को घायल बुजुर्ग को सड़क पर पड़ा देख उन्होंने उसके बारे में पता किया। अगले दिन हुई बारिश से अंग्रेज सिंह भीग गए। गंदगी और बदबू के कारण यहां स्थित इलेक्ट्रॉनिक कंपनी के गार्ड उन्हें हटाने लगे।

इसकी सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे और डायल-100 पर फोन किया। वहां आई पुलिस ने अंग्रेज सिंह के लिए कोई व्यवस्था न होने की बात कही। हालांकि बाद में पुलिस ने जिला अस्पताल से ऐम्बुलेंस मंगवाई और बुजुर्ग को अस्पताल भेजा।

इसके बाद भंगेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने भर्ती करने से मना कर दिया। इसके बाद वह उन्हें जिला अस्पताल लेकर गए। यहां भी डॉक्टरों ने लावारिस कहकर ऐडमिट करने से इनकार कर दिया लेकिन वह 3 घंटे तक अड़े रहे और अंग्रेज सिंह को भर्ती कराया। डॉक्टरों ने अंग्रेज सिंह की सारी जिम्मेदारी उन्हीं पर डाल दी।

सुनील की पोस्ट के जरिए अंग्रेज सिंह की खबर मिलने के बाद उनके घरवाले रविवार सुबह अस्पताल पहुंचे। पेशे से किसान अंग्रेज सिंह की दो बेटी और एक बेटा है। वह डिप्रेशन में 4 महीने पहले घर से निकल गए थे। इसके बाद परिवार से उनका संपर्क नहीं हुआ। परिवार वाले उनकी मौत होना मान चुके थे।

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