जुए में पत्नी को हार गया कलयुगी पति बेटी के साथ भी करता था दुर्व्यवहार

जुए में पत्नी को हार गया कलयुगी पति बेटी के साथ भी करता था दुर्व्यवहार

मुजफ्फपुर : पति जो कमाता, नशे में उड़ा देता। पत्नी की कमाई भी जब उसे शराब और जुए के लिए कम पड़ी तो कलयुगी पति ने पत्नी को ही दांव पर लगा दिया। .

जुए में पत्नी को हार बैठे इस कलयुगी पति ने न केवल उसे जीतने वाले के साथ जाने को विवश किया बल्कि इसके लिए उसे मारा भी। पड़ोसियों की मदद से किसी तरह अहमदाबाद से अपने घर बोचहां पहुंची शबनम ने जब गुरुवार को कोर्ट में अपने साथ घटी घटना को रोते हुए हुए बताया तो सबकी जुबान पर यही शब्द थे कि क्या महिला सशक्तीकरण की सच्चाई यही है जहां आज भी जुए में महिलाएं हारी जा रहीं हैं। महाभारत युग से कलयुग तक के सफर में जुए में पत्नी को हारे जाने का यह मामला सभी के लिए दुखद आश्चर्य का विषय बना रहा। बोचहां के चौमुख के भगवानपुर घोंचा की रहने वाली रूबीला ने बताया कि बेटी शबनम की शादी 2010 में नजरे आलम से हुई। शादी के बाद दो बेटियां हुईं मगर वह कभी पत्नी या बच्चों की जिम्मेवारी नहीं उठा पाया।

पंचायत हुई और उसके फैसले पर बेटी को 2016 में साथ में अहमदाबाद ले गया। वहां भी बेटी के साथ दुर्व्यवहार करता रहा। हद तो तब हो गई जब उसने एक दिन शबनम को ही जुए में दांव पर लगा दिया।

रूबीला ने बताया कि इसके बाद फिर पंचायत हुई और वहां उसके इस बर्बरता के लिए दोषी करार देते हुए मदरसे में तलाक कराया गया और भरण-पोषण देने का हुक्म दिया। शबनम ने कहा कि उसने पंचायत का भी हुक्म नहीं माना। पिछले छह माह में भरण-पोषण के लिए नजरे आलम ने कुछ नहीं दिया। कोर्ट से मुझे अपनी बेटियों के लिए न्याय की उम्मीद है।

मुजफ्फरपुर अधिवक्ता डा. संगीता शाही ने कहा कि आज के समय में पत्नी को जुए में दांव पर लगाना और हारना, यह समाज के मुंह पर तमाचा है। शबनम व उनकी बच्चियों के न्याय के लिए हमने केस दायर किया है।

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