जल्द खत्म होने वाला है तेजस्वी का अज्ञातवास

पटना : लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही राजद के युवराज तेजस्वी यादव लापता हैं. सियासत से दूरी बना चुके तेजस्वी यादव को लेकर सियासी हलको में कई अटकलें लगाईं जा रही हैं. लेकिन तेजस्वी यादव के आर्डर के बाद प्रवक्ताओं की छुट्टी का कई मायने हैं. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि तेजस्वी यादव प्रवक्ताओं की बोलती बंद कर यह मैसेज देना चाहते हैं कि वो जल्द ही कम बैक कर सकते हैं.

प्रवक्ताओं की छुट्टी, वापसी का मैसेज तो नहीं ?
तेजस्वी की गुमशुदगी को लेकर पार्टी छोड़िए लालू परिवार को कोई सदस्य मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं है. तेजस्वी कहां हैं इसपर कोई नेता ठोस जवाब देने से कतरा रहे हैं. लेकिन इन सब के बीच तेजस्वी यादव अज्ञातवास में ही रहकर पार्टी के प्रवक्ताओं की छुट्टी करने में लगे हैं. गुरुवार को आरजेडी ने तेजस्वी यादव के आदेश पर प्रवक्ताओं का मुंह बंद करने का आदेश दिया है. आरजेडी के प्रधान महासचिव आलोक मेहता के जरिए यह खबर सामने आई कि जल्द ही नए प्रक्ताओं की सूची जारी की जाएगी. सवाल यह है कि आखिर जब पार्टी के किसी नेता को यह पता नहीं है कि तेजस्वी कहां हैं तो यह आदेश कहां से और किस माध्यम से आया? लेकिन अंदरखाने से यह खबर आ रही है कि तेजस्वी यादव प्रवक्ताओं की बोलती बंद कर खुद की वापसी का मैसेज देना चाहते हैं.

प्रवक्ताओं पर नजर तो मासूमों से बेरुखी क्यों?
मुजफ्फरपुर में मासूमों की मौत पर आरजेडी के युवराज का मुंह नहीं खुल रहा है. ट्वीट कर संवेदना जताने का जहमत भी उनको भारी पड़ रहा है, लेकिन प्रवक्ताओं की बोलती कैसे बंद की जाए इसका उन्हें बखूबी ख्याल है. 100 से ज्यादा मासूमों की मौत हो गई, दिल्ली से लोग मुजफ्फरपुर आकर चले गए, लेकिन खुद को बिहार का लाल बताने वाले तेजस्वी यादव को मुजफ्फरपुर के लालों की याद नहीं आ पा रही है.

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