सीएम नीतीश ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का  हवाई सर्वेक्षण राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का आदेश

सीएम नीतीश ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का आदेश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य में बाढ़ की पूरी स्थिति पर खुद नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने रविवार को पहले आलाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और उसके बाद दरभंगा, मधुबनी, शिवहर, सीतामढ़ी एवं मोतिहारी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का ढाई घंटे से अधिक हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित सभी क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने,

आवश्यकतानुसार रिलिफ कैम्प और कम्युनिटी किचेन की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। भोजन की गुणवता और साफ-सफाई पर भी समुचित ध्यान रखने की विशेष हिदायद दी है। मानव एवं पशु दवा की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ पशुओं के लिये चारा इत्यादि की भी समुचित व्यवस्था के लिये निर्देश दिया है। राहत एवं बचाव कार्य के लिये एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टुकड़ियां तैनात की गयी हैं।

उतर बिहार में आज भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर बिहार में सोमवार की शाम तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। किशनगंज, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, भागलपुर सहित आसपास के इलाके में कुछ जगहों पर सोमवार दोपहर दो बजे तक भारी बारिश के आसार हैं। मानसून अभी बिहार में सक्रिय है। दरअसल पिछले कुछ दिनों से पूरे बिहार में सक्रिय मानसून फिलहाल कुछ इलाके तक सीमित हो गया है।

परेशानी : 36 सड़कों पर चढ़ा बाढ़ का पानी

नेपाल और बिहार में हो रही लगातार बारिश से उत्पन्न फ्लैश फ्लड के कारण उत्तर बिहार की सड़कों पर भी पानी आ गया है। बाढ़ग्रस्त इलाके की 36 ऐसी सड़कें हैं जिस पर पानी ओवरटॉप कर गया है। इन सड़कों में से कई पर ऐहतियातन आवागमन या तो बंद कर दिया गया है या नियंत्रित कर गाड़ियां चलाई जा रही है ताकि जान-माल का कोई नुकसान न हो।

कई एनएच डूबे

पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार राज्य की तीन दर्जन सड़कों पर बारिश का पानी चढ़ गया है। प्रमुख सड़कों में एनएच 104-शिवहर-सीतामढ़ी सड़क है। इसी तरह एनएच 28बी बेतिया-बगहा पर भी बारिश का पानी चढ़ गया है। जबकि एनएच 327 ई गलगलिया-अररिया और एनएच 527ए मधुबनी-सहरसा रोड पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है।

इंजीनियर तैनात किए गए

पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि विभाग सभी सड़कों पर नजर बनाए हुए है। इंजीनियरों को बाढ़ग्रस्त इलाके में तैनाती की गई है। विभाग की पैनी नजर है। पानी कम होते ही सभी सड़कों को अविलंब आवागमन के लायक बना दिया जाएगा।

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