बेखौफ अपराधियों ने गस्ती गाड़ी पर की अंधाधुंध फायरिंग एक होमगार्ड के जवान शहीद

बेखौफ अपराधियों ने गस्ती गाड़ी पर की अंधाधुंध फायरिंग एक होमगार्ड के जवान शहीद

शहीद होमगार्ड के शव गांव पहुंचते ही गमगीन हुआ माहौल

बेगूसराय -: एक ओर कोविंद 19 के कारण बढ़ी परेशानी दूसरी ओर लॉकडाउन होने के बावजूद भी बेगूसराय जिलें में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है.अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं.कि आमलोगों का क्या कहना पुलिस प्रशासन पर भी अपराधी हमलावर हो रहे हैं.

जिलें में बढ़ते अपराध के ग्राफ से कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है.वहीं जिलेंवासियों में खौफ व दहशत का माहौल कायम होते देखा जा रहा है.जानकारी अनुसार शुक्रवार की रात्रि लगभग साढ़े 11 बजे पनहास चौक स्थित वीर कुंवर सिंह स्मारक के समीप बेखौफ अपराधियों ने पुलिस के गश्तीदल पर हमला कर दिया.जिसमें एक होमगार्ड जवान की सिर में गोली लगने से घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई.उक्त जवान की पहचान मंझौल पंचायत तीन के वार्ड-13 निवासी हरेराम सहनी के पुत्र 25 वर्षीय के करीब राजवर्धन रंजन उर्फ पिंटू कुमार के रूप में की गई। जैसे ही उक्त मनहूस खबर मंझौल पहुंची.पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसर गया.साथ ही आक्रोशित लोगों के द्वारा सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाला जानें लगा.इस दौरान स्थानीय लोगों के द्वारा शहीद के हत्यारे की अविलंब गिरफ्तारी के साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर फांसी की मांग सोशल मीडिया पर ट्रेंड करता रहा.वहीं सुबह होते ही शहीद जवान को देखने के लिए मंझौल से युवाओं की टोली बेगूसराय की ओर प्रस्थान करने लगा।

शहीद के पिता होमगार्ड जवान एवं भाई बिहार पुलिस में कांस्टेबल बताया जाता है शहीद होमगार्ड जवान के पिता हरेराम सहनी भी होमगार्ड जवान के रूप में अपनी सेवा दे रहें हैं.तथा फिलहाल उनकी तैनाती खगड़िया जिलें के मानसी में बताया जा रहा है.जबकि बड़ा भाई अमरजीत सहनी बिहार पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात है.तथा वर्तमान में उसकी तैनाती नवादा जिला में है. साथ ही शहीद होमगार्ड के दो छोटे भाई सिंटू सहनी एवं मनीष सहनी फिलहाल अध्ययनरत हैं.सूत्रों की मानें तो गरीब परिवार से विलोग करने वाले होमगार्ड जवान हरेराम सहनी ने अपने पुत्रों को पढ़ा-लिखाकर देश एवं समाज की सुरक्षा के लिए प्रेरित किया। जिसमें उन्हें बड़ी सफलता भी मिली.परंतु ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था.बेखौफ अपराधियों ने घटना को अंजाम देकर पिता के अरमानों पर पानी फेर दिया।घटना के बाद शहीद होमगार्ड की माता सुशीला देवी का रो-रोकर बुरा हो चुका था हृदय विदारक चीत्कार से माहौल गमगीन हो रहा था। बार-बार अपने जवान पुत्र को खोने के गम में शहीद होमगार्ड जवान की मां बेहोश हो जा रही थीं.आसपास के लोगों की भीड़ ढांढ़स बंधाने एवं सांत्वना देने में लगी थी.परंतु आंख से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था.मां की ममता के चित्कार को सुनकर हर किसी का कलेजा मुंह को आ रहा था.जबकि ममता की चित्कार से उपस्थित लोगों के आंखों में भी आंसू साफ तौर से झलक रहें थें.नम आंखों से लोग परिजनों को सांत्वना देने में लगें थें.जानकारी अनुसार शहीद होमगार्ड जवान की शादी तय हो चुकी थी.तथा लॉकडाउन टूटने का इंतजार किया जा रहा था. लॉकडाउन टूटते ही शादी की रस्म अदायगी होने वाली थी.परंतु अपराधियों ने पलक झपकते ही जहां उक्त होमगार्ड जवान को शहीद कर दिया.वहीं बड़े अरमानों के साथ पढ़ा-लिखाकर इस मुकाम तक पहुंचाने वाले माता- पिता को अंदर से झकझोर कर रख दिया है।शहीद होमगार्ड का शव मंझौल पहुंचते ही सड़कों पर उमड़ी भीड़ शहीद होमगार्ड जवान का पार्थिव शरीर दिन के ढ़ाई बजे जैसे ही मंझौल पहुंचा.उसकी एक झलक पाने के लिए सड़कों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.इस दौरान राष्ट्रीय गीत की धुनों पर लोग भारत माता की जयघोष करतें देखें गए, जब तक सूरज चांद रहेगा तब तक शहीद पिंटू का नाम रहेगा,जैसे नारे लगाते रहें.जबकि सत्यारा चौक मंझौल स्थित गांधी स्मारक के समीप लोगों ने फुलमाला चढ़ा कर शहीद होमगार्ड जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की.इस दौरान सैकड़ों लोगों की भीड़ पार्थिव शरीर के साथ शताब्दी मैदान मंझौल पहुंचा.जहां लोगों की भीड़ ने शहीद होमगार्ड का अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी.तत्पश्चात शहीद का काफिला घर के लिए रवाना हुआ.शहीद का शव जैसे ही घर के सामने गाड़ी से उतारा गया.पूरे मुहल्ले के लोगों की आंखें छलक उठी.इस दौरान हर कोई शहीद की शहादत को सलाम करतें हुए अंतिम दर्शन के लिए घर के छतों एवं छज्जियों पर निकल आए.तथा ईश्वर से प्रार्थना करतें हुए परिजनों को दु:ख की इस बेला में सहनशक्ति प्रदान करनें की कामना की.इसके उपरांत शव को अंतिम संस्कार के लिए रवाना किया गया.

जनप्रतिनिधियों एवं समाजिक कार्यकर्ताओं ने की नौकरी के साथ मुआवजा की मांग

शहीद होमगार्ड जवान की शहादत पर राजद के जिलाध्यक्ष मोहित यादव , जिला मुखिया महासंघ के जिलाध्यक्ष ललन कुमार सिंह, महासचिव सालीम खान, मुखिया संध प्रखंड अध्यक्ष राजेश कुमार, पूर्व मुखिया अरूण सिंह, मुखिया प्रतिनिधि सुरेश सहनी, भाजपा नेता रामप्रवेश सहनी, समाजिक कार्यकर्ता पारस कुमार सहनी, बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति के अनुमंडल संयोजक अमित आनंद, अनुसूचित जाति, पिछड़ा, अल्पसंख्यक एकता मंच के जिलाध्यक्ष राजेंद्र पासवान, मुखिया प्रतिनिधि वीरेश हजारी सहित अन्य ने घटना पर गहरा दु:ख प्रकट किया.साथ ही परिजनों को उचित मुआवजा की मांग के साथ परिवार के सदस्यों को नौकरी देने की भी मांग की.
हत्याकांड के आरोप में पूछताछ हेतु तीन युवकों को बेगूसराय पुलिस ने किया गिरफ्तार, फिलहाल इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, हत्या करने का उद्देश्य जानकारी करने में पुलिस लगी हुई है। बताएं कि बेगूसराय जिलें में बेखौफ अपराधियों का तांडव लगातार जारी है,आए दिन हत्या ,लूट -पाट, छिनतई, जमीनी विवाद में गोलीबारी लगातार होते देखा जा रहा। पिछले कई दिनों से ऐसा कोई दिन जिस दिन बेखौफ अपराधियों ने कहर नहीं बरपाया, इस हत्याकांड के बाद कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगना लाजिमी है कुछ बुद्धिजीवी ने यहां तक एसपी के तबादलें तक मांग करने लगे हैं। बेगूसराय पुलिस के द्धारा अपने इस बहादुर शहीद होमगार्ड को फूल मालाओं के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर पुलिस लाइन में श्रृद्धांजलि दी गई, इस दौरान जिलें के पुलिस कप्तान अवकाश कुमार, डीएसपी हेडक्वार्टर कुंदन कुमार,सदर डीएसपी राजन सिन्हा सहित अन्य मौजूद थे।

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