रघुवंश प्रसाद सिंह ने इस्तीफा दिया

रघुवंश प्रसाद सिंह ने इस्तीफा दिया

बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है वैसे ही सियासी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। मंगलवार को राजद को एक के बाद एक दो बड़े झटके लगे। पांच विधान पार्षदों के पार्टी छोड़ने के बाद राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, अभी पार्टी की तरफ से उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है।

राजद के करीबी सूत्रों के मुताबिक वे वैशाली के पूर्व सांसद रामा सिंह के पार्टी में आने से नाराज चल रहे थे। रामा ने पिछले दिनों ही तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी और इसके बाद यह तय माना जा रहा था कि वे राजद में शामिल हो जाएंगे। रामा के 29 जून को राजद ज्वाइन करने की बात कही जा रही है। इसी बात से रघुवंश काफी नाराज थे।

2014 में आमने-सामने थे रघुवंश और रामा सिंह
राजद के टिकट पर रघुवंश वैशाली लोकसभा सीट से चार बार सांसद रह चुके हैं। 2014 में रघुवंश ने राजद और रामा ने लोजपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा था। तब रघुवंश चुनाव हार गए थे। उस चुनाव से पहले ही दोनों नेताओं के बीच सियासी दुश्मनी थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में लोजपा ने रामा को टिकट नहीं दिया था। तब राजद ने रामा को अपने पाले में लाने की कोशिश की थी, लेकिन रघुवंश के विरोध के आगे पार्टी को झुकना पड़ा था।

पार्टी को जिताऊ उम्मीदवार की तलाश

बिहार विधानसभा के चुनाव इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने हैं। ऐसे में राजद जीतने वाले उम्मीदवार की तलाश कर रही है। यही वजह है कि राजद ने रामा को पार्टी में लाने की पूरी तैयारी कर ली है। यह बात रघुवंश को अखर रही है और इसी वजह से उन्होंने पार्टी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

राजद में बड़े सवर्ण चेहरे हैं रघुवंश प्रसाद
रघुवंश प्रसाद राजद में बड़े सवर्ण चेहरे हैं और ऊंची जातियों के वोट को अपने पाले में लाने वाले नेता हैं। वैशाली लोकसभा क्षेत्र में इनकी मजबूत पकड़ है। वे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के काफी करीबी माने जाते हैं। पार्टी के सभी फैसलों में साथ खड़े रहते हैं। यहां तक कि जब राजद ने सवर्ण आरक्षण का विरोध किया था तब भी वे पार्टी के साथ थे। अपने क्षेत्र में सवर्ण आरक्षण के खिलाफ धरने पर भी बैठे थे।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.