सिवान आकर मौलाना मज़हरूल हक के “आशियाना” में जाकर क्या बोलीं पुष्पम प्रिया?

बिहार की मुख्यमंत्री कैंडिडेट पुष्पम प्रिया चौधरी इन दिनों राज्य के अलग—अलग जिलों में घूम रही हैं। इसी के तहत उन्होंने सीवान और गोपालगंज का भी दौरा किया है। इस दौरान पुष्पम प्रिया चौधरी सीवान के बंद पड़े मिल और ऐतिहासिक स्थलों का भी दौरा किया है। उन्होंने ‘देशभूषण’ मौलाना मज़हरूल हक के घर “आशियाना” का भी दौरा किया है।

ये आशियाना सीवान के फरीदपुर में स्थिति है। इस दौरान उन्होंने लिखा—
मौलाना मज़हरूल हक, देश के सबसे बड़े फ़्रीडम फ़ाइटर्स में एक, चंपारण सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन के अग्रदूत, सोशल रिफ़ॉर्मर और क़ौमी एकता की सबसे बड़ी मिसाल! लंदन से लॉ की पढ़ाई, बड़ी वकालत लेकिन सब कुछ छोड़ देश-समाज के लिए क़ुर्बान। फ़रीदपुर, सिवान के उनके इस घर “आशियाना” में आज़ादी के सभी बड़े नेता – सरोजिनी नायडू भी और मदन मोहन मालवीय जी भी रह चुके हैं। स्मारक बनाने की सरकारी घोषणा से थक कर 32 एकड़ में फैले इस अद्भुत कैम्पस का जीर्णोद्धार भी उनके प्रपौत्र शादाब हुसैन ही कर रहे, हर साल सरकार मज़ार पर आकर फूल चढ़ाकर निकल जाती है, गर्ल्स स्कूल के लिए परिवार ने ज़मीन दी, वह भी दशकों से नहीं बना! बिहार के महापुरुषों और विरासत का संरक्षण न सिर्फ़ सम्मान के लिए आवश्यक है बल्कि रोज़गार के लिए जूझती स्थानीय अर्थव्यवस्था का लोकल ग्रोथ बूस्टर है जो नये दशक के नये बिहार का पॉलिसी एजेंडा होगा।

मौलाना मज़हरुल हक का जन्म 22 दिसम्बर 186 9 को पटना जिले के मानेर थाना के ब्रह्मपुर में हुआ था। उन्हें बहुत से भूमि उनके रिश्तेदारों द्वारा दान की गई और 1900 में सिवान जिला के फ़रीदपुर गांव में बस गए। उन्होंने गांव में एक घर का निर्माण किया और इसका नाम ‘आशियाना’ रखा। 1927 में पंडित मोतीलाल नेहरु, 1928 में श्रीमती सरोजनी देवी, पं मदन मोहन मालवीय, के.एफ. नरिमन, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद ने फरीदपुर में इनके घर ‘आशानिया’ का दौरा किया। वह शेख अमुदुल्ला के तीन बच्चों में एकमात्र बेटे थे| उनकी बहनों के नाम में गफरुनीषा और कानीज फातमा थे। उनके पिता एक अमीर जमीनदार थे।

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