हुनरमंद बनकर किस्मत की लकीरें बदल रही सीवान की दिव्यांग बेटी बिन्दु :

हुनरमंद बनकर किस्मत की लकीरें बदल रही सीवान की दिव्यांग बेटी बिन्दु :

सीवान :सीवान के गोरेयाकोठी प्रखंड मुख्यालय से कुछ की दुरी पर स्थित गाँव दुधरा बाजार में जब लगभग 22 वर्ष पूर्व महातम प्रसाद के घर एक बालिका ने जन्म लिया तो घर में खुशी के माहौल के स्थान पर मातम छा गया।मातम इसलिए नहीं छाया कि बालिका का जन्म हुआ था, मातम इसलिए छाया की बालिका पुरी तरह दोनों पैरों से दिव्यांग थी। बालिका को देखने पहुचे लोग माता-पिता को सांत्वना देकर लौट रहे थें,घर से लेकर नाते रिश्तेदारों तक में जन्म लेने बच्ची के भविष्य को लेकर चिंता थी।
बच्ची जब बड़ी हुयी तो अन्य बालिकाओं से अलग अपने को चलने -फिरने में असमर्थ पाई ।घर से लेकर बाहर तक वह दया , सांत्वना व हास्य का पात्र समझे जाने लगी। लोगों की हास्य व सहानुभूति भरी नजरें व शब्द उसके कानों व दिलो दिमाग में अब नश्तर की तरह चुभने लगे कि “यह सब भगवान की देन है तुम्हारे किस्मत में तो यहीं लिखा था।

शब्द – वाणों का दंश झेलते-झेलते वह बालिका अब बाईस साल युवती बन चुकी है । उसने प्रण लिया कि वह अपनी किस्मत की लकीरें बदल कर रख देगी । परिवार की माली हालत ऐसी नहीं थी कि उसे आर्थिक सहयोग मिल सके । इस बीच अप्रैल 2018 में उसे समाचार – पत्रों से ज्ञात हुआ कि नाबार्ड के सहयोग से एक स्वयंसेवी संगठन परफेक्ट विज़न द्वारा जिले में निशुल्क सिलाई -कशीदाकारी का नब्बे दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाना है । फिर उसने प्रशिक्षण कार्यक्रम में दाखिला लिया , और प्रशिक्षण पाकर आज स्वयं हुनरमंद होकर अपना जीवन ही नही चला रही है बल्कि दूसरो के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बन चुकी है ।

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